Kabir’s Childhood Mazic

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Once a muslim from the city of Kashi came to house of Niru Ali and said “kill Kabir either,or we kill you. Kabir is muslims and believe in Hindusm and stay in this house. Nima fell unconscious after seeing the stabbing in Niru Ali’s hand.  Niru’s house was very crowded. Saints used to come from every place. Kabir used to teach everyone fearlessness truth. They had device power from birth. When Nima got the senses and all the Muslims went, ran and lifted child Kabir  in the lap and began to love and said, Thank God that he saved me saved me. Neeru Ali repented and fell at Kabir’s feet and began to say, how will this crime be escaped? Then Kabir said you both were Narahari Brahmin and Lakshmi Devi of the third birth, Chandan Sahu and Shanti Devi of the second birth, and in the third birth, you have got the body of Niru Ali in the cast of Julayha. Leave the violence action and worship the Satynam. I will take you to the Satylok. And whoever hears my words will also take him to Satylok. Kabir started teaching them as child. By saying this, he started playing with the children. If any miserable, blind and sick person comes there, he blessed them and they all go well.

Kabir was famous in Banaras, which was also called Varanasi. Then all the Muslims came to one place and began to say, Lets go Niru’s house. Make that boy circumcised and make a Muslim. All of them came to Niru’s house and said, you walk in accordance with Hindu religion and staying in the house of Muslims, Ram Rahim Hari says? Do not eat breakfast? Neema always chant Satynam? Bring Kabir to Sun-nah and make Muslims. Neeru said, do not let me or my wife Halalize or peck at the mill but I can not make spies on Kabir. They are free. Today is five years old. No food water. The cow keeps all the milk we drink and the monk gives to the fauces. I have the vow of Satynam which is the weapon for them. Kazi said, ‘Hey just catch Kabir.

Kabir came in so many Calls of Kazi, Come here, we will do you’re Sun-nah. Why not, Kabir said. Are you all over? Will the sun rise in the night and moon stars in the day? Who does not make you God? Have you made him? You are not a god of God? Let’s get circumcised. Kabir asked to tell me one thing, who did the Muslims of God? His Sun-nah has happened or not? Or is his Prophet cut or made himself with his own hands? If you have given the order, then God is God? Answer it, after you go with the Kazi Maulvi and ask him. If not, then all of you together should be circumcised, if he says that he has become bigger than you.Right?

Kabir says you are a Muslim, your God is Hindu. Talk to a Maulvi in ​​such a long time, what are you hearing so late, grab forcibly and make Sun-nah. At the same time, Kabir showed his five penises. Then the Maulvi said that your Sun-nah will not be there. Kabir laughed and walked. Kazi said, let’s sacrifice this cow and kneel down the cow and strangle her throat. The cow fell down and shouted, then Kabir came and said, “Oh Kaji Bepiro, make this cow alive. You are a butcher. Have mercy? The cow stood at the hands of Kabir. There was neither sign in the neck of the cow nor any blood on the ground. The Muslims ran away. Jai Jai Kabir started saying.

The Mystery of Jagannath Puri Temple


Hindi Translation-

एक बार कासी शहर के मुस्लिम नीरू अली के घर आये और बोले या तो कबीर को मार दो या फिर हम तुमको खत्म कर देते हैं। कबीर मुस्लिम के घर रहकर हिन्दू धर्म मानता है और उपदेश भी देता है ।  नीरू अली के हाथ में छुरा देखकर नीमा बेहोश होकर गिर पड़ी। नीरू के घर में बहुत भीड़ लगी रहती थी। हर एक जगह से संत आते थे। कबीर सबको निर्भय ज्ञान सुनाते थे। जन्म से ही उनके अंदर दैवीय शक्तियां थीं। जब नीमा को होश आया और सब मुस्लिम चले गए, तब उसने दौड़कर कबीर जी को गोद मे उठा लिया और प्यार करने लगी ओर कहने लगी भगवान का सुक्र है कि भगवान ने मुझे बचा लिया। नीरू अली पश्चाताप करके कबीर के चरण मैं गिर गया और कहने लगा यह अपराध कैसे छूटेगा? तब कबीर बोले तुम सुदर्शन भक्त के माता पिता हो। तीसरे जन्म के नरहरि ब्राह्मण ओर  लक्ष्मी देवी, दूसरे जन्म के चंदन साहू ओर शांतिदेवी हो ओर तीसरे जन्म मे तुमको जुलाहे का शरीर मिला है। हिंसा कर्म छोड़ दो और सतनाम का भजन करो। मे तुमको सतलोक ले जाऊंगा। ओर जो मेरा कहा मानेगा उसे भी सत्यलोक ले जाऊंगा। कबीर ऐसे उपदेश देते हुए बाल लीला करने लगे। बच्चों के साथ इधर उधर खेलते। कोई दीन दुखी आता या अंधा, बीमार आता तो उसको आशीर्वाद दे देते। सब ठीक होकर चले जाते। उनसे कहते सत्यनाम का भजन करो।

बनारस जिसे कासी नगरी भी कहा जाता था वहां कबीर का नाम मसहूर हो गया। तब सब मुसलमान एक जगह पर आए और कहने लगे चलो नीरू के घर। उस लड़के को खतना करके मुसलमान बनायें। सब नीरू के घर पहुचे ओर कहने लगे तू हिन्दू धर्म के अनुसार चलता है और मुसलमान के घर रहकर राम रहीम हरि कहता है। गोस्त मांश नही खाते। नीमा सतनाम जपती है। लाओ कबीर को सुन्नत करें ओर मुसलमान बनायें। नीरू बोले मुझे या मेरी पत्नी को हलाल करो या चक्की मे पीश दो पर मे कबीर पर हुकुम नही चला सकता। वे स्वतंत्र हैं। आज पांच वर्ष का हुआ है। अन्न पानी खाते नही। गाय पाल रखी है सारा दूध हमही पी लेते हैं और साधु फ़क़ीरों को देते है। मुझे तो सतनाम की कसम है जो उन पर हथियार चलाऊं। काज़ी बोले अरे बस कबीर को पकड़ ला।

इतने मे कबीर आ गए। काज़ी बोले आओ तुम्हारा सुन्नत करेंगे। कबीर बोले क्यों नही करोगे, तुम तो सर्वाधिकारी हो? रात को सूर्य उदय करवा दोगे ओर दिन में चाँद तारे ? जिसको खुदा नही बनना उसको तुम बनाते हो? खुदा का बाबा तुम हो न? आइये खतना करिये। कबीर बोले  एक बात पूछता हूँ खुदा की मुसलमानी किसने किया? उसका सुन्नत हुआ है कि नहीं ? या उसके पैगम्बर ने काटा है या अपने हाथ से खुद किया है ? अगर तुम्हें हुकुम दिया है तो खुदा हिन्दू है? इसका जबाब दो,तुम तुम्हारे बादसाह काज़ी मुल्ला मिलकर चलो ओर खुदा से पूछते है। अगर नही हुआ तो तुम सब मिलकर सुन्नत कर लेना अगर वो कहेगा कि हो गया तो तुमसे ओर बड़ा है।

कबीर बोले तुम मुसलमान हो, तुम्हारे खुदा हिन्दू हैं। इतने मे एक मौलवी बोला इतनी देर से क्या सुन रहे हो, जबरदस्ती पकड़ लो और सुन्नत करो। तब कबीर ने अपने पाँच लिंग दिखाए।तब मौलवी ने कहा तुम्हरी सुन्नत नहीं होगी। कबीर हँसकर चल दिये।

काज़ी बोला चलो इस गाय की कुर्बानी करते है ओर गाय को छूरा मारकर उसका गला घोंटने लगा। गाय गिर कर चिल्लाने लगी तब कबीर आये और बोले अरे काज़ी बेपीरो इस गाय को जिंदा करो।तुम लोग कसाई हो। दया क्या जानो? कबीर के हाथ लगाते ही गाय खड़ी हो गयी। न गाय के गर्दन मे कोई निसान था न जमीन पर कोई खून। मुसलमान सब भाग गए।लोग जय जय कबीर कहने लगे।

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