Mind! why don’t be patient?

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मन एक ऐसा शब्द है जिससे प्रत्येक व्यक्ति परिचित है । मन की दो शक्तियॉ होती है, एक कल्पना शक्ति तथा दूसरी इच्छा शक्ति। मन की कल्पना शक्ति के बढ़ने पर व्यक्ति कवि, वैज्ञानिक, अनुसंधान कर्ता, चित्रकार, साहित्यकार बनता है अपनी कल्पना शक्ति का विकास लोगों को अच्छी कवितायें, अच्छा साहित्य.अच्छे चित्र तथा वैज्ञानिक खोजों से मनुष्य को सुखी सम्पन्न बनाता है तथा व्यक्ति के जीवन में खुशियों की बहार ले आता है।

What is mind?

Mind is a word that everyone is familiar with. There are two powers of the mind, one is imaginations and the other is will power. When the imagination of the mind increases, the person becomes a poet, scientist, researcher, painter, litterateur and develops his imaginations, makes people happy with good poems, good literature. Good pictures and scientific discoveries make people happy and bring happiness in life

जब व्यक्ति की इच्छा शक्ति का विकास होता है तो इस मन से व्यक्ति प्रत्येक कार्य को करने में सक्षम हो जाता है वह चाहे तो अमीर बन सकता है वह चाहे तो स्वयं स्वस्थ रह सकता है तथा औरों को भी स्वस्थ रख सकता है वह चाहे तो परमात्मा का भी अनुभव कर सकता है। आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी आवश्यक है कि व्यक्ति मन को वश में करे।

When the will power of the person develops, then with this mind the person is able to do every task, he can become rich if he wants, then he himself can be healthy He can also keep others healthy, if he wants, he can also experience God. It is also necessary for spiritual progress that one should control the mind.

यदि आप मानसिक शांति को प्राप्त करना चाहते है तो यह आवश्यक है कि हम मन को वश में करे व इसे धैर्यवान बनायें। चंचल और अधीर मन हमारे सारे दुख तथा कष्टों का कारण भी है मन पर उचित नियंत्रण न होना हो इसकी चंचलता है। चंचलता अस्थिर है।

If you want to achieve mental peace, it is necessary that we control the mind and make it patient. The fickle and impatient mind is also the reason for all our versatility and sorrows. Versatility is unstable.

मन हमारा मालिक बन बैठा है तथा हमें यह नचा रहा है
https://www.santkabir.org/function-of-mind/ जबकि वास्तव में हम शरीर न होकर आत्मा हैं। आत्मा मतलब ध्यान। ध्यान की शक्ति से ही मन कार्य कर सकता है। मन तभी लगेगा जब ध्यान शक्ति प्रबल होगी। ध्यान नहीं लगेगा तो मन भी एकाग्र नहीं होगा।

The mind has become our master and is making us dance.https://www.santkabir.org/function-of-mind/ when in reality we are not a body but a soul. Soul means meditation. Only with the power of meditation can the mind work properly. Mind will be felt only when meditation power is strong. If you do not pay attention, then the mind will not concentrate.

हम मन के मालिक है। मनुष्य का मन ही आत्मीय शक्तियों का संवाहक है हमें चंचल मन की चंचलता को नियंत्रित कर उसे केंद्रित करना होगा तभी हमारे शारीरिक जीवन के दुखो का अन्त होगा और स्थिर सुख प्राप्त हो सकता है।

We are the owner of the mind. Man’s mind is the conductor of the spiritual powers, we have to control the fickleness of the fickle mind and concentrate it, only then the sorrows of our physical life will end and steady happiness can be achieved.

मन की एकाग्रता हमें एक दूसरे से भिन्न बनाती है तथा कार्य करने की क्षमता में अंतर ला देती है जिससे कोई व्यक्ति जीवन में सफलता प्राप्त करता है जबकि कोई असफल हो जाता है। यदि मन को केंद्रित कर ले तो व्यक्ति का व्यक्तित्व पूरा बदल जायेगा तथा मानसिक शांति प्राप्त होगी। तथा व्यक्ति एकाग्र मन से जो भी कार्य करेगा उसमें सफलता प्राप्त होगी।

Concentration of mind makes us different from each other and makes a difference in the ability to work, so that a person achieves success in life while someone fails. If the mind is centered then the personality of the person will change completely and mental peace will be attained. And whatever work a person does with a concentrated mind will be successful.

अवसरों को पहचानना ध्यान का कार्य है। जो व्यक्ति कठिनाइयों में अवसरों को देखता है उसे सफलता प्राप्त होती है जबकि जो व्यक्ति अवसर में कठिनाइयों को देखता है उसे असफलता प्राप्त होती है। मन को सभी जानते हैं पर ध्यान को जानना ही आत्मा को जानना है। आत्मीय ज्ञान ही संसार का सबसे बड़ा ज्ञान है।

Recognizing opportunities is an act of meditation. The person who sees opportunities in difficulties gets success whereas the person who sees difficulties in opportunity gets failure. Everyone knows the mind, but to know meditation is to know the soul. Spiritual knowledge is the greatest knowledge of the world.

मन रे तू काहे ना धीर धरे
वो निर्मोही मोह ना जाने, जिनका मोह करे
मन रे तू काहे ना धीर धरे
इस जीवन की चढ़ती ढलती
धूप को किसने बांधा
रंग पे किसने पहरे डाले
रुप को किसने बांधा
काहे ये जतन करे
मन रे तू काहे ना धीर धरे
उतना ही उपकार समझ कोई
जितना साथ निभा दे
जनम मरण का मेल है सपना
ये सपना बिसरा दे
कोई न संग मरे
मन रे तू काहे ना धीर धरे
वो निर्मोही मोह ना जाने,
जिनका मोह करे
मन रे तू काहे ना धीर धरे

My mind, why are you not patient
Do not know the love that you love..
My mind, why are you not patient
The rising of this life
Who tied the sun?
Who patched the color?
Who tied the look?
Why should you try this?
My mind, why are you not patient
Someone understands the same benefit
Support as much
Dream is a combination of birth and death
Let this dream go
Nobody died with..
My mind, why are you not patient
Don’t know that love,
Whom to fascinate
My mind, why are you not patient

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